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कॉमनवैल्थ 2018 - भारत का नहीं कोई मुक़ाबला

15/07/2018 -

 कॉमनवैल्थ शतरंज चैंपियनशिप में में उम्मीद के मुताबिक शतरंज सुपर पावर भारत नें मुख्य वर्ग में क्लीन स्वीप करते हुए सभी छह पदक अपने नाम कर लिया । चौंकाते हुए अंतिम तीन राउंड के अपने शानदार प्रदर्शन के चलते भारत के पी कार्तिकेयन नें अपने खेल जीवन का पहला कॉमनवैल्थ खिताब हासिल कर लिया वही हार के साथ प्रतियोगिता की शुरुआत करने वाली भारत की शतरंज क्वीन तनिया सचदेव नें अंततः एक बार  फिर महिला वर्ग का  कॉमनवैल्थ खिताब  हासिल कर लिया । कार्तिकेयन कोअपने अच्छे प्रदर्शन के साथ अंतिम दो राउंड में वैभव सूरी और एस नितिन के खराब प्रदर्शन का पूरा फायदा मिला और 7.5 अंको के साथ स्वर्ण पदक जीतने में कामयाब रहे हालांकि वैभव 7 अंको के साथ रजत पदक जीतने में कामयाब रहे तो देबाशीष दास भी 7 अंको के साथ कांस्य पदक जीतने में सफल रहे । महिला वर्ग में तीनों पदक विजेताओं नें 6 अंक अर्जित किए पर बेहतर टाईब्रेक के आधार पर  तनिया सचदेव स्वर्ण , एम महालक्ष्मी रजत तो किरण मनीषा मोहं ती कांस्य पदक हासिल करने में कामयाब रही ।

स्पैनिश डायरी 02 - बारबेरा - भारत का दबदबा कायम

11/07/2018 -

केटलन सर्किट के अगले पड़ाव मे भारतीय खिलाड़ी भाग ले रहे है 41वे बारबेरा इंटरनेशनल शतरंज चैंपियनशिप में और एक बार फिर भारत का झण्डा बुलंद नजर आ रहा है और भारतीय खिलाड़ियों नें अपने प्रदर्शन से सभी को रोमांचित किया हुआ है । सात राउंड के बाद जहां ईन्यान पी ग्रांड मास्टर नार्म के साथ साथ खिताब के तगड़े दावेदार नजर आ रहे है तो पूर्व विजेता हिमांशु और कार्तिक वेंकटरमन की नजर शीर्ष 3 पर लगी हुई है । वही ओम कदम ,अनुज श्रीवत्रि और नीलेश सहा जैसे कई खिलाड़ी इंटरनेशनल मास्टर नार्म की और बढ़ते नजर आ रहे है । अब जब सिर्फ दो राउंड बाकी है देखना है क्या बारबेरा का खिताब एक बार फिर एक भारतीय के हाथो में जाएगा । 

स्पैनिश डायरी 01- श्याम सुंदर फिर बने मोंटकाड़ा किंग

06/07/2018 -

जी हाँ तो एक बार फिर आपके सामने है स्पैनिश डायरी । दोस्तो भारत के युवा खिलाड़ियों के पसंदीदा केटलन सर्किट बार्सिलोना में शुरू हो गया है और इसके पहले पड़ाव 26वे मोंटकाड़ा इंटरनेशनल के क्लासिकल इंटरनेशनल शतरंज चैंपियनशिप का खिताब लगातार दूसरे वर्ष भी भारत के ग्रांड मास्टर श्याम सुंदर मोहनराज नें अपने नाम कर लिया उन्होने अंतिम निर्णायक राउंड में भारत के ही आकाश पीसी अइयर को पराजित करते हुए 9 मैच में 7 अंक बनाकर खिताब अपने नाम किया हालांकि 7 अंको पर पेरु के ग्रांड मास्टर कोरी केवन जोएल भी रहे पर बेहतर टाईब्रेक के आधार पर श्याम सुंदर खिताब अपने नाम करने में कामयाब रहे । तीसरा स्थान भी पेरु के मार्टिनेज अल्कान्तरा नें हासिल किया वह 6.5 अंक बना सके । हालांकि भारत के लिए शीर्ष 6 में 4 खिलाड़ियों नें बनाकर भारत का दबदबा साबित किया । 6.5 अंको के साथ आकाश पीसी अइयर चौंथे तो हर्षा भारतकोठी पांचवे स्थान पर रहे जबकि ग्रांड मास्टर हिमांशु शर्मा 6 अंको के साथ छठे स्थान पर रहे । 9 दिन चली इस प्रतियोगिता में  21 देशो के कुल 91 प्रतिभाशाली खिलाड़ियों नें शिरकत की ।    

कॉमनवैल्थ - क्लीन स्वीप की ओर बढ़ता भारत

01/07/2018 -

नई दिल्ली में चल रहे कॉमनवैल्थ शतरंज चैंपियनशिप अब लगभग अपने अंतिम पड़ाव के करीब जा पहुंची है और ऐसे में जब सिर्फ अंतिम तीन राउंड बाकी है यह बात तो एकदम साफ है की भारत पदक के सभी रंगो पर अपना कब्जा जमाने जा रहा है मतलब की स्वर्ण , रजत और कांस्य सभी पदक भारत के ही खाते में आते नजर आ रहे है बस अब देखना यह की कौन सा पदक किसके नाम रहता है । फिलहाल वैभव सूरी , जी आकाश और संकल्प गुप्ता 5.5 अंको के साथ पहले स्थान पर चल रहे है और उनके ठीक पीछे एस नितिन भी पदक एक खास दावेदार है । महिला वर्ग में एक बार फिर तनिया सचदेव सबसे आगे नजर आने लगी है जबकि उनके साथ पूर्व जूनियर विजेता नंधिधा पीवी एक बार फिर मुख्य वर्ग में स्वर्ण पदक की दावेदारी में शामिल है । 

पेरिस ग्रांड चैस टूर - नाकामुरा बने विजेता

26/06/2018 -

पेरिस , फ्रांस ,ग्रांड चैस टूर के दूसरे पड़ाव  पेरिस में अमेरिका के हिकारु नाकामुरा नें सबको पीछे छोड़ते हुए सयुंक्त खिताब हासिल कर लिया । रैपिड और ब्लिट्ज़ दोनों में बेहद शानदार प्रदर्शन करते हुए यह खिताब अपने नाम किया । नाकामुरा नें रैपिड में 11 तो ब्लिट्ज़ में 12 अंक बनाते हुए कुल 23 अंको के साथ सर्वोच्च स्थान हासिल किया । उनके ठीक पीछे 21.5 अंको के साथ रूस के सेरगी कार्याकिन रहे तो लेवेन के ग्रांड टूर विजेता वेसली सो 21 अंको के साथ तीसरे स्थान पर रहे । वर्तमान विश्व रैपिड चैम्पियन आनंद के लिए पेरिस भी ज्यादा राहत लेकर नहीं आया और वह 17 अंको के साथ छठे स्थान पर रहे , आनंद नें रैपिड में 9 तो ब्लिट्ज़ में 8 अंक बनाए , हालांकि की ब्लिट्ज़ में उन्होने कुछ अच्छी जीत जरूर दर्ज की । अब देखना होगा की ग्रांड चैस टूर के अगले पड़ाव अगस्त में होने वाले सेंट लुईस में आनंद कैसा खेल दिखाते है । 

पेरिस ग्रांड चैस टूर - आनंद नें क्रामनिक को हराया

20/06/2018 -

वर्तमान विश्व रैपिड शतरंज चैम्पियन विश्वानाथन आनंद नें ग्रांड चैस टूर के दूसरे पड़ाव पेरिस में पहले दिन जोरदार प्रदर्शन करते हुए अपने पुराने दोस्त और प्रतिद्वंदी रूस के पूर्व विश्व चैम्पियन व्लादिमीर क्रामनिक पर जीत के सहारे दो अन्य मैच ड्रॉ खेलकर पहले दिन के खेल के बाद या यूं कहे तीन राउंड के बाद 2 अंको के साथ अच्छी शुरुआत की  है और फिलहाल वह लेवान अरोनियन और वेसली सो के साथ सयुंक्त बढ़त पर भी जा पहुंचे है । आनंद का यह प्रदर्शन बेहद खास है क्यूंकी पह पिछले ही सप्ताह ग्रांड चैस टूर के लेवेन टूर्नामेंट में निराशाजनक प्रदर्शन करते हुए अंतिम स्थान पर रहे थे । शायद आनंद भी अपने खेल के इस दौर का आनंद ले रहे है जहां उतार चढ़ाव पहले से कही ज्यादा है । कभी बेहद खराब प्रदर्शन तो कभी बेहद शानदार ,उनके खेल के अब तक के प्रर्दशन के विपरीत वह अब एक ऐसे खिलाड़ी में बदल रहे है जो शायद अब लगातार अच्छा तो नहीं कर पा रहे पर कभी भी वापसी करते हुए अपने खेल के स्तर से किसी को भी पराजित कर सकता है । पढे यह लेख 

हरिकृष्णा नें जीती सेज इंटरनेशनल शतरंज ट्रॉफी

19/06/2018 -

पेंटाला हरिकृष्णा नें चेक गणराज्य के प्राग में हुई 16वीं सेज चैस ट्रॉफी अपने नाम कर ली है । उन्होने मेजबान दिग्गज खिलाड़ी डेविड नवारा को पराजित करते हुए यह खिताब अपने नाम कर लिया । कुल 12 रैपिड मुकाबलों में हरीकृष्णा नें 7 अंक बनाते हुए खिताब अपने नाम किया । उन्होने कुल 6 ड्रॉ 4 जीत और 2 हार से यह अंक बनाए । बड़ी बात यह रही की 9 मैच के बाद हरिकृष्णा 4-5 से पीछे चल रहे थे और उन्होने अंतिम तीनों राउंड में जीत दर्ज करते हुए खिताब अपने नाम किया ।ऐसे में जब बातुमी शतरंज ओलंपियाड को सिर्फ कुछ माह बाकी है , भारतीय टीम को एक बार उनसे बाकू के प्रदर्शन को दोहराने की उम्मीद होगी और ऐसे में जब आनंद भी टीम में है और विदित 2700 के खिलाड़ी है हरि का अच्छा प्रदर्शन टीम के लिए अच्छा संकेत है !

ग्रांड चैस टूर - सिर्फ करूआना से जीते आनंद

15/06/2018 -

लेवेन बेल्जियम में ग्रांड चैस टूर 2018 के संस्करण की शुरुआत हो चुकी है और पहले तीन दिन खेले गए रैपिड के मुक़ाबले विश्व रैपिड चैम्पियन विश्वनाथन आनंद के लिए अपेक्षा के एकदम विपरीत रहे है और वह खेले गए 9 राउंड में से 1 जीत और 3 ड्रॉ के साथ अंतिम पायदान पर है । उन्हे एकमात्र जीत फेबियानों करूआना के खिलाफ मिली जबकि उन्हे 5 हार का सामना करना पड़ा । खैर आनंद के लिए यह खेल जीवन का सबसे अनोखा दौर है जहां वह वापसी करने का आनंद हर बार उठाते है । एक खराब टूर्नामेंट और फिर उसके बाद एक अच्छा यह उनकी आदत बनती जा रही है , देखना होगा क्या आनंद ब्लिट्ज़ में कमाल दिखाएंगे । 

अल्टिबॉक्स नॉर्वे -आनंद की जीत :सयुंक्त दूसरा स्थान

08/06/2018 -

2018 का सबसे मजबूत और कड़ा मुक़ाबला माने जा रहे ,स्टावेंगर,नॉर्वे में चल रहे अल्टिबॉक्स नॉर्वे शतरंज का समापन अंततः विश्व चैम्पियन मेगनस कार्लसन के घर नॉर्वे में उनके विश्व चैंपियनशिप प्रतिद्वंदी फेबियानों करूआना की ख़िताबी जीत के साथ हुआ और एक बार फिर कार्लसन यह प्रतिष्ठित खिताब अपने नाम नहीं कर सके । खैर भारत के लिए विश्वनाथन आनंद की सेरगी कार्यकिन पर शानदार जीत नें देश के शतरंज प्रेमियों को मानसून के आगमन के साथ साथ खुशियाँ मनाने का मौका भी दे दिया । आनंद प्रतियोगिता में सबसे उम्रदराज खिलाड़ी और अंतिम वरीयता होने के बाद सर्वाधिक रेटिंग बढ़ाने वाले खिलाड़ी रहे और उनकी जीत नें बताया की वह अभी खेल को काफी कुछ देने के लिए तत्पर है । साथ ही आनंद नें विश्व रैंकिंग में 14 से 11 स्थान तक लाइव रेटिंग में वापसी करते हुए पुनः विश्व टॉप 10 में आने के संकेत साफ दे दिये है । पढे यह लेख ।

कार्पोव पोलिकोवस्की - विदित को सयुंक्त तीसरा स्थान

06/06/2018 -

मैं उन दिनो भारतीय दल के साथ रूस में था ,कारण था ऐरोफ़्लोट ओपन में भारतीय टीम का  दौरा और चूकी विदित प्रतियोगिता के दूसरे सबसे बड़े खिलाड़ी थे सबकी नजरे उनके प्रदर्शन पर लगी थी पर प्रतियोगिता विदित के लिए मुश्किल साबित हुई और वह कई बार जीती बाजी जीत नहीं पा रहे थे और 9 मैच मे से वह सिर्फ 1 में जीत दर्ज कर सके जबकि शेष 8 ड्रॉ रहने से 2723 रेटिंग को 17 अंको का खासा नुकसान पहुंचा और एक समय तो ऐसा लगा की वह +2700 से नीचे ना चले जाए । पर विदित के लिए यह एक सबक साबित हुए और उसके बाद टेपे सिगमन में विजेता बनकर और फिर अब कार्पोव पोलिकोवस्की शतरंजसुपर ग्रांडमास्टर राउंड रॉबिन टूर्नामेंट विदित के लिए शानदार साबित हुआ विश्व के दिग्गज खिलाड़ियों की मौजूदगी में उन्होने दिखाया की वह अब दिन पर दिन मजबूत खिलाड़ी के तौर पर उभर रहे है । एक बार फिर विदित अब 2718 अंको के पास जा पहुंचे है ! उम्मीद है यह शानदार दौर अब लंबा चलेगा !!

अल्टिबॉक्स नॉर्वे शतरंज - मद्रास टाइगर रिटर्न !!

06/06/2018 -

आप कितनी बार खुद को साबित कर सकते है ?एक बार ?दो बार ? या हर बार  !! भारत की शान विश्वनाथन आनंद का नाम 5 बार विश्व चैंपियनशिप जीतकर पहले ही  महान खिलाड़ियों की सूची में हमेशा के लिए स्वर्णिम अक्षरो में दर्ज है पर जैसे जैसे उनकी उम्र बढ़ रही है अचानक कुछ समय में उनके खेल में और निखार आता जा रहा है । इस वर्ष विश्व रैपिड का खिताब और ब्लिट्ज़ में कांस्य पदक खास रहे तो अब क्लासिकल में जैसे उन्होने अपने खेलने के अंदाज में कुछ ऐसे परिवर्तन किए है की उनके डिफेंस को तोड़ना युवा दिग्गजों के लिए भी मुश्किल होता जा रहा है । नॉर्वे शतरंज में लगातार 6 ड्रॉ के बाद 7 वे राउंड में फ्रांस के मेक्सिम लाग्रेव नें शानदार जीत से  आनंद भी अब खिताब की दौड़ में शामिल हो गए है साथ ही विश्व रैंकिंग में एक बार फिर शीर्ष 10 में शामिल होने की दिशा में तेजी से अग्रसर है !। 

कार्तिक वेंकटरमन नें जीता किट इंटरनेशनल 2018

01/06/2018 -

भारत के युवा इंटरनेशनल मास्टर कार्तिक वेंकटरमन नें अपने खेल जीवन का सबसे चमकीला प्रदर्शन करते हुए बेहद ही शानदार अंदाज में लगातार अंतिम चार राउंड में जीत दर्ज करते हुए 2740 के रेटिंग के प्रदर्शन के साथ खिताब अपने नाम किया । उनके शानदार प्रदर्शन का अंदाज इसी बात से लगा सकते है की 19 वे सीडेड कार्तिक नें अपराजित रहते हुए 8 जीत और 2 ड्रॉ के साथ कुल 9 अंक बनाकर खिताब अपने नाम किया  साथ ही वह दूसरे स्थान पर रहे खिलाड़ियों से 1 अंक के साफ अंतर से विजेता बने । उन्होने अपने इस शानदार प्रदर्शन में अंतिम चार राउंड के दौरान सन्दीपन चंदा , एडम तुखेव ,मार्टिन क्रास्टीव और ट्रान मिन्ह जैसे दिग्गज खिलाड़ियों को पराजित किया जो स्वयं खिताब के बड़े दावेदार थे । इस जीत के साथ ही उन्होने 34 रेटिंग अंक और ग्रांड मास्टर नार्म हासिल करते हुए ग्रांड मास्टर बनने की ओर कदम मजबूती से बढ़ा दिये है ।

अल्टिबॉक्स नॉर्वे शतरंज - लय में लौटते विश्वनाथन आनंद

01/06/2018 -

दुनिया के सबसे कठिन सुपर ग्रांडमास्टर टूर्नामेंट में भारत के 5 बार के क्लासिकल विश्व चैम्पियन विश्वनाथन आनंद पहले तीन राउंड में बेहतर खेलते नजर आए है और विश्व टॉप 10 में वापसी के लिए उन्हे आने वाले राउंड में जीत की तलाश भी होगी अभी हुए तीन मुक़ाबले में वह अपनी सीमा की समझते हुए बेहद संतुलित तो खेल ही रहे है पर खेल को रोचक बनाने की कोशिश भी कर रहे है .आनंद बीते लगभग दो दशक के अपने सबसे कम रेटिंग पर है पर उन्होने बार बार उम्र को एक नंबर साबित किया है । विश्व रैपिड चैम्पियन बनना इसी का एक प्रमाण था । प्रतियोगिता आनंद के लिए अपने आप में थोड़ा अलग इसीलिए है की शायद विश्व चैम्पियन बनने के बाद यह पहला मौका है जब वह किसी टूर्नामेंट के अंतिम वरीयता प्राप्त खिलाड़ी है और यह बात उन्हे अच्छा करने के लिए जरूर प्रेरित करेगी !!

एक सितारा हुआ अस्त - नासिर अली सैयद

30/05/2018 -

एक ऐसे शख्स जिन्होने ताउम्र शतरंज को खेला जी नहीं बल्कि उसे जिया । पूर्व नेशनल चैम्पियन नासिर अली सैयद जी नहीं रहे और 64 खानो की दुनिया को हमेशा के लिए अलविदा कह गए । बेहद विनम्र और खेल को बेहद प्यार करने वाले नासिर जी 1960-70 के दशक के सबसे बेहतरीन शतरंज खिलाड़ियों में गिने जाते थे । उस दौरान उन्होने कई नामी गिरामी ग्रांड मास्टरो को भी पराजित किया , मध्य भारत और खास तौर पर हिन्दी भाषी क्षेत्र जहां पर शतरंज का साहित्य भी उपलब्ध ना था वह सबसे बेहतरीन खिलाड़ी थे ।1967 मे नेशनल चैम्पियन बने । निश्चित तौर पर ना सिर्फ उनका खेल बल्कि उनका स्वभाव भी उन्हे एक बेहतरीन इंसान बनाता था । और भारतीय शतरंज जगत के वह एक अद्भुत प्रतिनिधि थे ।