वैशाली नें जीता डबल्यू आर टोक्यो रैपिड का खिताब
फ़ीडे महिला कैंडिडेट विजेता भारत की आर वैशाली नें अपनी विश्व शतरंज चैंपियनशिप की अपनी तैयारियाँ शुरू कर दी है और उसका एक नमूना दिखा जापान में संपन्न हुए डबल्यू आर टोक्यो रैपिड में जहाँ उन्होंने एशिया की दिग्गज खिलाड़ियों की मौजूदगी में रैपिड का खिताब अपने नाम कर लिया, उन्होंने फ़ाइनल में कज़ाक्सितान की नूरमन को 1.5-0.5 से पराजित करते हुए यह ख़िताब अपने नाम किया। वैशाली को इसी वर्ष चीन की जू वेंजूँन के साथ विश्व शतरंज चैंपियनशिप खेलनी है । पढ़े यह लेख

वैशाली ने जीता डबल्यू आर टोक्यो रैपिड शतरंज का खिताब
टोक्यो, जापान . भारत की ग्रैंड मास्टर वैशाली रमेशबाबू ने इतिहास रचते हुए डबल्यू आर महिला शतरंज टूर 2026 के टोक्यो चरण के रैपिड वर्ग का खिताब अपने नाम कर लिया है । फाइनल मुकाबले में उन्होंने कज़ाखस्तान की अंतरराष्ट्रीय मास्टर अलुआ नूरमन को 1.5-0.5 से पराजित कर पहला स्थान हासिल किया । एक दिन पहले ही वैशाली के भाई प्रज्ञानंदा नॉर्वे शतरंज का खिताब जीतने वाले पहले भारतीय बने जबकि अब वैशाली टोक्यो में यह कारनामा करने वाली पहली भारतीय बनी है । यह प्रतियोगिता कई मायनों में ऐतिहासिक रही क्योंकि पहली बार जापान ने किसी शीर्ष स्तरीय अंतरराष्ट्रीय शतरंज प्रतियोगिता की मेजबानी की। टोक्यो के तोरानोमोन एडिशन होटल में आयोजित इस प्रतियोगिता में विश्व की कई दिग्गज महिला खिलाड़ियों नें भाग लिया ।

रैपिड वर्ग के क्वार्टर फाइनल में वैशाली का सामना इंडोनेशिया की आईएम इरीने सुकंदर से हुआ। पहली बाज़ी ड्रॉ रहने के बाद दूसरी बाज़ी में वैशाली ने शानदार खेल दिखाते हुए जीत दर्ज की और 1.5-0.5 से सेमीफाइनल में प्रवेश किया।
सेमीफाइनल में उनका मुकाबला पूर्व विश्व चैंपियन स्विट्जरलैंड की अलेक्जेंड्रा कोस्टेनियुक से हुआ। पहली बाज़ी बराबरी पर समाप्त हुई, लेकिन दूसरी बाज़ी में वैशाली ने मात्र 30 सेकंड के समय दबाव में शानदार वजीर की चाल खेलकर निर्णायक बढ़त हासिल की। यह चाल पूरे दिन की सबसे चर्चित चाल साबित हुई और वैशाली ने 1.5-0.5 से मैच जीतकर फाइनल में जगह बनाई।
दूसरे सेमीफाइनल में अलुआ नूरमन ने अनुभवी खिलाड़ी कैटरीना लाग्नो को पराजित कर फाइनल में प्रवेश किया। नूरमन ने पूरे दिन शानदार खेल दिखाया और फाइनल में वैशाली के सामने एक मजबूत चुनौती बनकर उभरीं।

फाइनल मुकाबले की शुरुआत जापान की प्रसिद्ध शोगी खिलाड़ी मदोका किताओ द्वारा औपचारिक पहली चाल के साथ हुई। पहली बाज़ी में वैशाली ने शुरुआती चरण में ही एक प्यादे का बलिदान देकर अपने प्रतिद्वंद्वी के राजा पर दबाव बनाया। नूरमन ने इस अवसर का सही लाभ नहीं उठाया और धीरे-धीरे वैशाली ने स्थिति पर पूर्ण नियंत्रण स्थापित करते हुए बाज़ी जीत ली।दूसरी बाज़ी में नूरमन को मैच बराबर करने के लिए जीत की आवश्यकता थी। लेकिन वैशाली ने कठिन स्थिति में भी सटीक बचाव करते हुए मुकाबला ड्रॉ करा लिया। इसके साथ ही उन्होंने 1.5-0.5 से मैच जीतकर टोक्यो रैपिड चैंपियन का खिताब अपने नाम कर लिया।
फ़ीडे कैंडिडेट चैंपियन वैशाली इस वर्ष के अंत में चीन की मौजूदा विष चैंपियन जू वेंजुन के विश्व खिताब को चुनौती देंगी ।