प्रज्ञानन्दा ने रचा इतिहास, जीता ग्रैंड चेस टूर 2026 का खिताब, बने पहले भारतीय
भारत के युवा ग्रैंडमास्टर आर. प्रज्ञानन्दा ने शानदार वापसी करते हुए ग्रैंड चेस टूर 2026 का खिताब अपने नाम कर लिया। फाइनल में छह अंकों से पिछड़ने के बावजूद प्रज्ञानन्दा ने फैबियानो करूआना के खिलाफ दोनों रैपिड मुकाबले जीतकर मैच में वापसी की और अंततः 15-13 के स्कोर से खिताब अपने नाम किया।यह प्रज्ञानन्दा का ग्रैंड चेस टूर फाइनल्स में पहला खिताब है। इस ऐतिहासिक जीत के साथ उन्होंने 2 लाख डॉलर (लगभग 1.7 करोड़ रुपये) की पुरस्कार राशि भी हासिल की।वहीं पूरे टूर की बात करे तो प्रज्ञानन्दा नें कुल चार लाख डालर अपने नाम किए ।
सेंट लुईस, यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ़ अमेरिका ,
फाइनल की शुरुआत प्रज्ञानन्दा के लिए अच्छी नहीं रही थी। पहले क्लासिकल मुकाबले में करूआना ने जीत दर्ज कर 6-0 की बढ़त बना ली थी। दूसरे क्लासिकल मुकाबले में प्रज्ञानन्दा के पास जीत के कई मौके आए, लेकिन करूआना ने 95 चालों तक संघर्ष करते हुए ड्रॉ बचा लिया। इसके बाद स्कोर 9-3 हो गया था।
ऐसे में अंतिम दिन प्रज्ञानन्दा को लगभग असंभव लग रही वापसी करनी थी। लेकिन भारतीय ग्रैंडमास्टर ने दोनों रैपिड बाजियां जीतकर पूरे मैच का रुख बदल दिया।
पहली रैपिड बाजी में प्रज्ञानन्दा ने रागोजिन डिफेंस के खिलाफ शानदार तैयारी दिखाई। करूआना समय के दबाव में पहुंचे और प्रज्ञानन्दा ने इसका फायदा उठाते हुए बाजी जीत ली।
दूसरी रैपिड बाजी में काले मोहरों से खेलते हुए भी प्रज्ञानन्दा ने करूआना को मात दे दी। दो रैपिड जीत के साथ स्कोर बराबर हो गया और प्रज्ञानन्दा ने 11-9 की बढ़त हासिल कर ली।

ब्लिट्ज में भी नहीं छोड़ी बढ़त
चार ब्लिट्ज मुकाबलों में दोनों खिलाड़ियों ने एक-एक बाजी जीती, जबकि दो मुकाबले ड्रॉ रहे। दूसरे ब्लिट्ज गेम में करूआना ने जीत हासिल कर अंतर कम किया, लेकिन तीसरे गेम में प्रज्ञानन्दा ने शानदार वापसी करते हुए जीत दर्ज की।
अंतिम बाजी में करूआना को मैच बचाने के लिए जीत जरूरी थी। उन्होंने अच्छी स्थिति हासिल की, लेकिन एक गलत प्यादा ब्रेक के बाद प्रज्ञानन्दा ने खेल बराबर कर लिया ,यह ड्रॉ ही प्रज्ञानन्दा के लिए खिताब जीतने के लिए पर्याप्त था। अंतिम स्कोर प्रज्ञानन्दा 15-13 करूआना रहा।
"फाबी के खिलाफ एक जीत हासिल करना हर दिन संभव नहीं है, लेकिन दो जीत हासिल करना रैपिड में बहुत महत्वपूर्ण था।" — प्रज्ञानन्दा

वेस्ली सो ने कीमर से लिया बदला, तीसरा स्थान जीता
तीसरे स्थान के मुकाबले में वेस्ली सो ने विंसेंट कीमर के खिलाफ शानदार वापसी की। एक समय कीमर बढ़त पर थे, लेकिन अंतिम दिन सो ने रैपिड में एक जीत दर्ज करने के बाद चारों ब्लिट्ज बाजियां लगातार जीत लीं।
सो ने अंततः 18-12 के बड़े अंतर से मुकाबला जीतकर तीसरा स्थान हासिल किया। इस जीत के साथ सो ने अगले वर्ष के ग्रैंड चेस टूर में अपनी जगह भी पक्की कर ली और 75,000 डॉलर की पुरस्कार राशि हासिल की।
ग्रैंड चेस टूर फाइनल्स के बाद शीर्ष तीन खिलाड़ियों , प्रज्ञानन्दा, कारुआना और वेस्ली सो को सीधे 2027 ग्रैंड चेस टूर में जगह मिली है