विश्व शतरंज चैंपियनशिप : गुकेश और सिंदारोव के बीच खिताबी मुकाबला 25 नवंबर से जिनेवा में
फ़ीडे के अंतरिम अध्यक्ष पाँच बार के विश्व चैंपियन विश्वनाथन आनंद नें आधिकारिक तौर पर भारत के वर्तमान विश्व चैंपियन डी गुकेश और उनके चैलेंजर कैंडिडेट विजेता उज़्बेकिस्तान के जावोखीर सिंदारोव के बीच होने वाली विश्व शतरंज चैंपियनशिप के स्थान और समय की घोषणा कर दी है, पढ़े इस लेख में कब और कहाँ होगा शतरंज इतिहास की यह सबसे युवा विश्व खिताब की जंग

विश्व शतरंज की सबसे प्रतिष्ठित प्रतियोगिता फीडे विश्व शतरंज चैंपियनशिप 2026 का आयोजन 25 नवंबर से 15 दिसंबर तक स्विट्जरलैंड के जिनेवा में होगा। इस ऐतिहासिक मुकाबले में मौजूदा विश्व चैंपियन डी. गुकेश (भारत) अपने खिताब की रक्षा करेंगे, जबकि उनके चुनौतीकर्ता जावोखिर सिंदारोव (उज्बेकिस्तान) होंगे। खास बात यह है कि मुकाबले की शुरुआत के समय दोनों खिलाड़ियों की उम्र 20 वर्ष होगी, जिससे यह विश्व शतरंज इतिहास का सबसे युवा विश्व चैंपियनशिप मुकाबला बन जाएगा।
फीडे के अंतरिम अध्यक्ष विश्वनाथन आनंद ने मेजबान शहर की घोषणा करते हुए कहा कि भारत, अमेरिका और साइप्रस सहित कई देशों ने इस मुकाबले की मेजबानी में रुचि दिखाई थी। सभी प्रस्तावों पर विचार करने के बाद फीडे ने जिनेवा को चुना, जो विभिन्न देशों और संस्कृतियों को जोड़ने की अपनी ऐतिहासिक पहचान के लिए जाना जाता है। आनंद ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि स्विट्जरलैंड में दुनिया भर के शतरंज प्रेमियों को विश्व स्तरीय मुकाबला देखने का अवसर मिलेगा।

मौजूदा विश्व चैंपियन गुकेश ने दिसंबर 2024 में सिंगापुर में चीन के डिंग लिरेन को हराकर इतिहास रचा था। केवल 18 वर्ष की उम्र में वह विश्व शतरंज चैंपियन बनने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बने थे। अब उनके सामने पहली बार अपने विश्व खिताब की रक्षा करने की चुनौती होगी।

दूसरी ओर उज्बेकिस्तान के युवा ग्रैंडमास्टर जावोखिर सिंदारोव ने इस वर्ष साइप्रस में आयोजित फीडे कैंडिडेट्स टूर्नामेंट 2026 जीतकर विश्व चैंपियनशिप का टिकट हासिल किया। सिंदारोव ने एक दौर पहले ही विजेता बनकर खिताबी मुकाबले में जगह बनाई। इससे पहले वह 2025 का फीडे विश्व कप भी अपने नाम कर चुके हैं।
विश्व चैंपियनशिप मुकाबला 14 क्लासिकल बाजियों का होगा। जो खिलाड़ी पहले 7.5 अंक हासिल करेगा, वही नया विश्व चैंपियन बनेगा और शेष बाजियां नहीं खेली जाएंगी। यदि 14 बाजियों के बाद स्कोर बराबर रहता है तो विजेता का फैसला टाईब्रेक मुकाबलों से किया जाएगा।
फीडे ने बताया है कि मुकाबले का विस्तृत कार्यक्रम, टिकट बिक्री, दर्शकों के लिए व्यवस्था, मीडिया मान्यता और अन्य सहायक आयोजनों की जानकारी आने वाले समय में जारी की जाएगी। भारत के लिए यह मुकाबला विशेष महत्व रखता है, क्योंकि गुकेश के पास लगातार दूसरी बार विश्व चैंपियन बनने का सुनहरा अवसर होगा, जबकि सिंदारोव अपने पहले विश्व खिताब की तलाश में उतरेंगे।