फीडे विश्व शतरंज कप में बस जल्द ही हमें पता लग जाएगा कौन विश्व कप के फ़ाइनल में होगा । डींग लीरेन के पास जहां लगातार दूसरी बार विश्व कप के फ़ाइनल में पहुँचने का मौका है, तो यू यांगी ,मेक्सिम लाग्रेव और तैमूर रद्जबोव के लिए यह पहला मौका है। तो अब देखना होगा कौन इस मौके को भुनाने में सफल रहता है । सेमीफ़ाइनल के पहले क्लासिकल मुक़ाबले आसानी से ड्रॉ पर समाप्त हुए ,साफ नजर आ रहा है की कोई भी खिलाड़ी फिलहाल खतरा उठाने के मूड में नहीं है । कल अब दूसरा क्लासिकल मुक़ाबला होगा और ऐसे में सफ़ेद मोहरो से खेल रहे यू यांगी और तैमूर रद्ज्बोव पर सबकी नजर रहेगी की क्या परिणाम कल ही निकलेगा या फिर बात टाईब्रेक पर जाएगी और सबसे बड़ा सवाल कौन पहुँचेगा फीडे कैंडीडेट में ! पढे यह लेख
शतरंज में विश्व चैम्पियन को चुनौती देने का रास्ता विश्व कप से होकर जाता है । यहाँ विश्व कप जीतने वाला विश्व शतरंज चैम्पियन नहीं कहलाता बल्कि वह फीडे कैंडीडेट के लिए चयनित होता है जहां विश्व के चुनिन्दा आठ खिलाड़ियों के बीच मुक़ाबले के बाद जो जीतता है वह विश्व चैम्पियन को चुनौती देता है । ऐसे में फ़ाइनल में पहुँचने वाले दोनों खिलाड़ी फीडे कैंडीडेट के लिए चयनित हो जाएँगे ।
तनाव अपने चरम पर है और ऐसे में जो अपने मन पर नियंत्रण रखेगा वही आगे जाएगा
पहले बोर्ड पर चीन के दोनों दिग्गज खिलाड़ी विश्व नंबर 3 डिंग लीरेन और विश्व नंबर 10 यू यांगी के बीच मैच खेला गया । सफ़ेद मोहरो से खेलते हुए डिंग लीरेन नें इंग्लिश ओपनिंग का सहारा लिया पर यू यांगी कभी भी परेशानी में नजर नहीं आए और मुक़ाबला 27 चालों में ड्रॉ रहा ।
दूसरे बोर्ड पर पहली बार विश्व कप के फ़ाइनल की जंग में मुक़ाबला था अजरबैजान के विश्व नंबर 14 तैमूर रद्ज्बोव और विश्व नंबर 4 फ्रांस के मेक्सिम लागरेव के बीच । लागरेव सफ़ेद मोहोरो से सिसिलियन रोजोलिमों में कुछ अलग करने का प्रयास करते दिखे पर तैमूर के मजबूत सुरक्षा चक्र को भेद नहीं सके और खेल 31 चालों में ड्रॉ हुआ ।