पिछले साल कोविड महामारी के आने के बाद बहुत से तेजी से उभरते शतरंज खिलाड़ियों के लिए टूर्नामेंट मे भाग लेना एक चुनौती बन गयी थी अब धीरे धीरे भारतीय शतरंज खिलाड़ी पूरी दुनिया मे शतरंज खेलने के लिए एक बार पुनः दस्तक देते जा रहे है , सर्बिया , हंगरी जैसे देशो के बाद अब बिसात अर्मेनिया में बिछी है , यहाँ शुरू हुए चैसमूड इंटरनेशनल शतरंज टूर्नामेंट में ए और बी ग्रुप को मिलाकर कुल 219 खिलाड़ियों में 41 भारतीय खिलाड़ियों की मौजूदगी है । इससे आप भारत में शतरंज को प्रोफेशनल तौर पर खेलने की बढ़ती इच्छा और भारतीय खिलाड़ियों की विदेशो में टूर्नामेंट की बढ़ती प्रतिभागिता को समझ सकते है । खैर फिलहाल चैसमूड के 4 राउंड के बाद भारत के प्रग्गानंधा 3 मैच और 1 ड्रॉ खेलकर सयुंक्त दूसरे स्थान पर चल रहे है ।
चैसमूड इंटरनेशनल – प्रग्गानंधा सयुंक्त दूसरे स्थान पर
साखदजर,अर्मेनिया , 10 देशो के 103 खिलाड़ियों के बीच खेले जा रहे चैसमूड इंटरनेशनल शतरंज चैंपियनशिप मे भारत के ग्रांड मास्टर एसएल नारायनन और आर प्रग्गानंधा अपने पहले तीनों मैच जीतकर सयुंक्त पहले स्थान पर चल रहे थे हालांकि चौंथे राउंड प्रग्गानंधा डेविड शहीनयान से ड्रॉ खेलकर सयुंक्त दूसरे स्थान पर पहुँच गए है
प्रग्गानंधा नें अब तक इज़राइल के अब्तीन अताखान,अराश दघिल और अर्मेनिया के ममिकोन घरीबयन को पराजित किया है
जबकि एसएल नारायनन नें अर्मेनिया के वाहे बघदासरयन , आर्तशेस मिनसियन और जॉर्जिया के निकोलोज पेटरियाशविली को मात दी है चौंथे राउंड मे उन्हे सहकयान समवेल से हार का सामना करना पड़ा है
भारत से प्रतियोगिता मे डी गुकेश ,अर्जुन एरिगासी ,अभिमन्यु पौराणिक ,अमित दोषी, कृष्णा तेजा , कार्तिक वेंकटरमन, राहिल मालिक,मित्रभा गुहा ,पद्मिनी राऊत , प्रणव आनंद खेल रहे है ।
निकलेश जैन अंतरराष्ट्रीय शतरंज खिलाड़ी और फिडे ट्रेनर हैं। वे 2009 से शतरंज पर लिख रहे हैं और विश्व चैंपियनशिप तथा शतरंज ओलंपियाड जैसे बड़े आयोजनों को कवर कर चुके हैं। वे हिंदी चेसबेस इंडिया के प्रमुख हैं और पंजाब केसरी में लिखते हैं, जहाँ उनके लगभग 7,000 लेख प्रकाशित हो चुके हैं