
प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार सम्मान पाने पर देश के माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने वचुर्यल माध्यम से अर्शिया और उनके माता पिता से मुलाकात की।
पुरनेन्दु दास व अर्निशा दास की नन्ही बेटी अर्शिया दास ने पांच वर्ष की उम्र से शतरंज खेलना शुरू किया। जल्द ही अर्शिया ने इस खेल में अपनी दक्षका को सबित करते हुए सभी को अपने खेल से अचंभित कर दिया। दस वर्षीय अर्शिया की उपलब्धियों की बात करें तो यह उत्तर पूर्व की पहली और एक एकमात्र बालिका शतरंज खिलाड़ी हैं जिन्होंने किसी अंतराष्ट्रीय और राष्ट्रीय प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीता है।

देश के माननीय प्रधानंत्री नरेन्द्र मोदी ने अर्शिया के प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार सम्मान पाने की घोषणा अपने निजी ट्वीटर एकाउंट से भी की।
अर्शिया ने 2019 में रायपुर में आयोजित अण्डर-9 राष्ट्रीय स्कूल शतरंज प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीत कर वर्ल्ड कैडेट और एशियन स्कूल के लिए क्वालीफाइंग कर लिया।

अर्शिया ने अपने शानदार खेल कौशल से अपने प्रतिद्धंद्धियों को छकाते हुए उज्बेकिस्तान में 2019 में हुई अण्डर-9 एशियन स्कूल चेस चैम्पियनशिप में एक गोल्ड और एक ब्रोन्ज मेडल पर कब्जा जमा लिया। वहीं स्पेन में हुई वर्ल्ड कैडेट अण्डर 8 कैटेगरी में 13 स्थान हासिल किया। अर्शिया अपने राज्य की सबसे कम उम्र की रेटेड खिलाड़ी है। वर्तमान में इनकी रेटिंग 1275 है।

नन्ही अर्शिया शतरंज में अपने बेहतरीन खेल से 2018 में विजावाड़ा में और नेशनल अण्डर-7 में कास्यं पदक और 2019 में दिल्ली में आयोजित अण्डर-11 राष्ट्रीय बालिका शतरंज में कास्यं पदक जीता।

अर्शिया दास ने 2020 में लॉकडाउन के दौरान अण्डर -12 कैटेगरी में फीडे ऑनलाइन वर्ल्ड कैडेट शतरंज प्रतियोगिता में प्रतिभाग किया। वहीं इस दौरान इन्होंने ऑल इंडिया चेस फेडरेशन और कई क्लबों द्वारा आयोजित विभिन्न शतंरज प्रतियोगिताओं में भी प्रतिभाग किया।

10 वर्षीय अर्शिया दास की खेल उपलब्धियों को देखते हुए 21 जनवरी को त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देव ने त्रिपुरा भूषण अवार्ड देकर सम्मानित किया। वहीं त्रिपुरा जर्नलिस्ट स्पोर्ट्स क्लब ने 2017 से 2020 तक लगातार चार बार शतरंज कैटेगरी में प्लेयर ऑफ द ईयर के सम्मान से नवाजा।
आगामी प्रतियोगिता के लिए अर्शिया अपने शतरंज के प्रशिक्षण को जारी रखे हुए है। वर्तमान में अर्शिया चेस गुरुकुरु के ग्रांडमास्टर आबी रमेश, ग्रांडमास्टर स्प्तरिशी राय चौधरी और ऑनलाइन 365 चेस एकेडमी से शतरंज का प्रशिक्षण प्राप्त रहीं हैं।

पहले कोच फीडे मास्टर प्रसन्जीत दत्ता ने अर्शिया के शतरंज की नींव को मजबूत करने के लिए काफी मेहनत की। इनके द्वारा सिखाई गई हर एक शतरंज की बारीकियों को अर्शिया शतरंज की बिसात पर बखूबी चलती है। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार जीत कर अर्शियों ने अपने सभी कोच, माता पिता और शतरंज प्रेमियों को गौरवान्वित किया है।
चेसबेस की पूरी टीम की तरफ से अर्शिया दास को हार्दिक बधाई।