काबुल/मैड्रिड: समरकंद ओलंपियाड में खेलने गए तीन अफगान खिलाड़ियों - ख़ैबर फराज़ी, हबीबुल्लाह अमीनी और हबीबुल्लाह गुलदोस्त - की गिरफ्तारी को एक सप्ताह बीत गया है, लेकिन वे अब भी काबुल में नजरबंद हैं और तालिबान प्रशासन की सजा का इंतजार कर रहे हैं। फराज़ी ने बताया कि वे और उनकी पत्नी घर में भी असुरक्षित महसूस कर रहे हैं और उनकी मौजूदा स्थिति लंबे समय तक टिकने वाली नहीं है। महिला टीम के कप्तान रहे गुलदोस्त ने बताया कि अफगान टेलीविजन पर उनका नाम लिए जाने के बाद उनके परिवार पर भी भारी मानसिक दबाव पड़ा है।
हालांकि राहत की बात यह है कि अंतरराष्ट्रीय शतरंज महासंघ (फीडे), यूरोपीय संसद और स्पेन सरकार इन तीनों की मदद के लिए सक्रिय हैं। फीडे के एक करीबी सूत्र ने बताया कि संगठन गोपनीय तरीके से राजनयिक प्रयास कर रहा है और "सतर्कता के साथ आशावादी" है। यूरोपीय संघ के एक प्रतिनिधि ने सीधे फराज़ी से संपर्क कर समर्थन जताया है, और यूरोपीय सांसद इग्नासियो सांचेज़ आमोर ने जरूरत पड़ने पर नवंबर में संसद में यह मुद्दा उठाने की बात कही है। स्पेन की खेल मंत्री मिलाग्रोस तोलोन ने भी आईओसी और फीडे अध्यक्षों को पत्र लिखकर तीनों की सुरक्षा पर चिंता जताई है।
(स्रोत: एल पाइस, पत्रकार लेओंत्शो गार्सिया की रिपोर्ट पर आधारित)












